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Archive for the 'Finance and Investment' Category

इन्डेक्स फंड क्या है ?

इंडेक्स फंड एक तरह का म्यूचुअल फंड है , जो किसी विशेष इंडेक्स की सिक्योरिटीज में समान अनुपात में निवेश करता है। इंडेक्स फंडों का लक्ष्य बीएसई सेंसेक्स या निफ्टी जैसे लोकप्रिय सूचकांक होते हैं। इंडेक्स फंड किसी विशेष सेक्टर पर आधारित भी हो सकते हैं। इनमें फार्मा , आईटी , एफएमसीजी या ऑटो सेक्टर सूचकांक पर आधारित फंड शामिल हो सकते हैं।

Mutual Fund

Mutual Funds provides expertise advice to clients for their investments in equity & debts markets through mutual funds.

They ascertain investor’s risk profile and guide with the right mix of various products, which effectively reduces tax liability, increases savings and ultimately enhances wealth of the investor.

They take care of complete investment process – from identifying the best investment avenue to restructuring portfolio of the investor on a regular basis. For all types of investors whether they are conservative, balanced or aggresive, mutual funds help them building their portfolio to optimise return on ivestments

शेयर बाजार की भाषा

राइट्स इश्यू (Rights issue)

कंपनियों द्वारा रकम जुटाने के लिए जारी किए जाने वाले वे शेयर जो मौजूदा शेयरधारकों को दिए जाते हैं। आम तौर पर ये शेयर भारी डिस्काउंट (मौजूदा भाव से कम) पर दिए जाते हैं और शेयरधारकों के पास मौजूद शेयरों के अनुपात में होते हैं। जैसे, अगर कोई कंपनी 2:5 में राइट्स इश्यू देने की घोषणा करती है, तो आपको उस कंपनी के हर 5 शेयर पर 2 शेयर खरीदने का अधिकार होगा। राइट्स इश्यू में जारी शेयर सूचीबद्ध होने के बाद आम शेयरों की तरह ही खरीदे-बेचे जा सकते हैं।

शेयर विभाजन (Stock split)

कमाई का फ़न्डा

N.C.Solanki

दिक्कत तब हुई जब छोटे निवेशकों ने अपेक्षाकृत जटिल फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस सेगमेंट में हाथ लगाने की कोशिश की। कई निवेशकों ने उधार लेकर भी निवेश किया और वह मार्जिन या मार्कट टू मार्केट मार्जिन को लेकर कोई समझौता नहीं कर पाए। शेयर बाजार की मंदी निवेशकों को कुछ सबक सीखने का मौका देती है। इस बार की मंदी उन्हें जोखिम प्रबंधन का पाठ पढ़ा रही है।

अगर निवेशक निम्न बातों का ध्यान रखे तो काफ़ी हद तक वित्तीय नुकसान से बच सकते है-

  • निवेशकों को जोखिम प्रबंधन व्यवस्था मजबूत करनी चाहिये।

क्या है पी/ई रेश्यो?

निवेश संबंधी निर्णय लेते समय अक्सर निवेशक प्राइस टु अर्निंग रेश्यो (पी/ई रेश्यो) का इस्तेमाल करते हैं। निवेशक शेयरों में धन लगाने के फैसले करते समय इस रेश्यो पर निर्भर करते हैं। साधारण शब्दों में कहा जाए तो एक पी/ई रेश्यो शेयर के बाजार मूल्य और प्रति शेयर आय (ईपीएस) के बीच का अनुपात होता है।

इस रेश्यो से आपको पता चलता है कि शेयर का बाजार मूल्य इसके ईपीएस के मुकाबले कितने गुना है। एक राय के अनुसार पी/ई रेश्यो जितना कम होगा, उतना ही निवेशकों के लिए बेहतर होगा, क्योंकि इसके बढ़ने के आसार रहेंगे। यह रेश्यो जितना अधिक होगा, बढ़ने के अवसर उतने ही कम होंगे। इसके अलावा जोखिम भी बढ़ेगा।

टेक्निकल एनालिसिस

टेक्निकल एनालिसिस समझने के लिए सबसे पहले चार्ट को समझने की जरूरत है। चार्ट चार तरह के होते हैं, लाइन चार्ट, बार चार्ट, कैंडलस्टिक चार्ट और पॉइंट एंड फिगर चार्ट। इनमें बार चार्ट सबसे ज्यादा लोकप्रिय है और ज्यादातर चार्टिस्ट इसी का इस्तेमाल करते हैं।

बार कैसे तैयार होता है?

बार चार्ट में बहुत सारी लंबवत (वर्टिकल) लकीरें होती हैं, जिन्हें बार कहते हैं। इनमें हर लकीर के दोनों ओर 2 बहुत छोटी-छोटी क्षैतिज लकीरें होती हैं। एक बार में चार सूचनाएं होती हैं। बार का सबसे ऊपरी सिरा, किसी खास दिन पर शेयर का अधिकतम भाव बताता है, जबकि निचला सिरा उसी दिन शेयर के न्यूनतम भाव बताता है। बार के बाईं ओर जो क्षैतिज छोटी रेखा होती है, वह शेयर के खुलने का भाव बताती है और दाईं ओर की क्षैतिज छोटी रेखा शेयर का क्लोजिंग भाव बताती है।

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